नई दिल्ली।प्रवीन सूद का कार्यकाल केंद्र सरकार ने एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह है कि कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने ठीक एक दिन पहले ही सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए पत्र लिखा था, जिसके बाद अब इस विस्तार को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद विपक्षी दल सरकार की मंशा पर सवाल उठा सकते हैं। कांग्रेस पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है। ऐसे में प्रवीण सूद को मिला यह विस्तार आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
प्रवीण सूद मई 2023 में सीबीआई निदेशक नियुक्त किए गए थे। वह कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे हैं और कानून-व्यवस्था तथा जांच एजेंसियों में लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच सीबीआई के हाथ में रही, जिन पर लगातार राजनीतिक बहस होती रही।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने प्रशासनिक निरंतरता और लंबित संवेदनशील मामलों की निगरानी को देखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि विपक्ष इसे अलग नजरिए से देख रहा है। राहुल गांधी पहले ही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का मुद्दा उठा चुके हैं।


