– 15 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार का ऐलान
– 5 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचकर अधिकारियों के सामने रखेंगी मांगें
अमृतपुर, फर्रुखाबाद । मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से उनकी मांगों का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग उठाई।
आशा संगिनी पूजा ने बताया कि एक अक्टूबर से शुरू हुआ धरना 15 अक्टूबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर को आशा कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर उच्चाधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखेंगी।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, बच्चों एवं महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों में आशा कार्यकर्ता जिम्मेदारी निभाती हैं।
धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और कार्यभार को देखते हुए वर्तमान मानदेय पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की है।
इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य की समय सीमा निर्धारित करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि उन्हें दिन-रात स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों के लिए उपलब्ध रहना पड़ता है। कई बार अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंप दी जाती हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ जाता है और निजी तथा पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है।
आशा कार्यकर्ताओं ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में पूजा, अमीना खानम, सावित्री कुशवाहा, रिंका, मांगनी, सीता, गीता और शाहिना समेत अन्य आशा कार्यकर्ता एवं आशा संगिनियां मौजूद रहीं।


