लखनऊ
भारत की जांच एजेंसियों ने विदेश में बैठे संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। दुबई में मौजूद आकिब और आजाद के पासपोर्ट निरस्त कर दिए गए हैं, जिसके बाद उनकी गतिविधियों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। गृह मंत्रालय की मदद से उनकी वापसी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों संदिग्ध एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, जिसका पहले ही एटीएस ने खुलासा किया था। इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोग भी विदेश में या देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं, जिनकी पहचान कर उनके खिलाफ सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
इस मामले में एक बड़ा अपडेट यह भी है कि दक्षिण अफ्रीका से लौटे एक अन्य संदिग्ध मैजुल को दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे पूरे मॉड्यूल की परतें खुलने की उम्मीद है।
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। कई संदिग्ध अकाउंट्स के जरिए चैट, ऑडियो संदेश और लोकेशन शेयरिंग जैसी गतिविधियां की जा रही थीं। एटीएस ने इन अकाउंट्स की जानकारी मेटा कंपनी से मांगी है ताकि असली ऑपरेटर्स की पहचान हो सके।
इसके अलावा आकिब और आजाद के करीबियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि वे लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय थे और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संकेत मिले हैं। बैंक खातों में आए लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और संदिग्धों की गिरफ्तारी होने की संभावना है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर सकेंगी।


