लखनऊ
सुल्तानपुर रोड स्थित एलडीए की महत्वाकांक्षी वेलनेस सिटी आवासीय योजना को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। एलडीए की गोपनीय जांच में पता चला है कि योजना क्षेत्र और उसके आसपास दिवंगत माफिया अतीक अहमद की 50 बीघा से अधिक जमीन मौजूद है। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने इन जमीनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सिर्फ अतीक अहमद ही नहीं, बल्कि करीब 20 से 25 अन्य प्रभावशाली लोगों की भी इस क्षेत्र में बेनामी जमीनें हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 200 बीघा बताया जा रहा है। एलडीए अब इन सभी संपत्तियों की गहन जांच कर रहा है और उनके स्वामित्व की सच्चाई खंगाली जा रही है।
वेलनेस सिटी योजना करीब 1198 एकड़ में लैंडपूलिंग मॉडल के तहत विकसित की जा रही है, लेकिन पिछले कई महीनों में एलडीए को अपेक्षित जमीन नहीं मिल पाई है। इसी वजह से परियोजना की गति धीमी पड़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, जमीनों पर जटिल स्वामित्व और बेनामी लेनदेन इस देरी का प्रमुख कारण है।
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कई रियल एस्टेट कंपनियों ने पहले ही इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में जमीन खरीद ली थी और कॉलोनियों के लिए लेआउट भी पास करा लिए हैं। इससे सरकारी योजना के लिए जमीन एकत्र करने में और अधिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
वेलनेस सिटी की लोकेशन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह गोमती नगर विस्तार के पास स्थित है और शहर के भीतर ही एक प्रीमियम आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है। इसी कारण यहां जमीन की कीमतें भी अधिक रहने का अनुमान है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और खरीद-फरोख्त तेज रही है।
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, अब इन सभी संदिग्ध जमीनों की खसरा और खतौनी की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि असली मालिक कौन हैं और कहीं डमी खरीदारों के जरिए बेनामी संपत्ति तो नहीं बनाई गई है। जिला प्रशासन को भी इस मामले में जांच के लिए पत्र भेजा गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और अवैध या बेनामी संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि वेलनेस सिटी योजना को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाए और किसी भी तरह के अवैध कब्जे या प्रभावशाली हस्तक्षेप को रोका जाए।


