नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलिंडर को लेकर लोगों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही है। बढ़ती मांग और देरी की खबरों के बीच उपभोक्ता पैनिक में आकर बार-बार सिलिंडर बुक कर रहे हैं। हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें।
सरकार के अनुसार, एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग के लिए तय समय-सीमा का पालन करना जरूरी है। शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता हर 25 दिनों में एक सिलिंडर बुक कर सकते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिनों की निर्धारित की गई है। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध हो सके और किसी प्रकार की कृत्रिम कमी न पैदा हो।
डिलीवरी को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य परिस्थितियों में गैस सिलिंडर बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर उपभोक्ता के घर तक पहुंच जाना चाहिए। यह समय-सीमा गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तय की गई है, जिससे लोगों को समय पर ईंधन मिल सके और दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
हालांकि हाल के दिनों में डिलीवरी में थोड़ी देरी की शिकायतें सामने आई हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पैनिक बुकिंग के कारण डिलीवरी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। पहले जहां सिलिंडर 2-3 दिनों में पहुंच जाता था, अब इसमें 4-5 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति जल्द ही सामान्य होने की उम्मीद है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी असर गैस सप्लाई पर पड़ सकता है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पर्याप्त भंडारण है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं बनेगी।
फिलहाल उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे घबराहट में अनावश्यक बुकिंग न करें और संयम बनाए रखें। सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि हर घर तक समय पर एलपीजी सिलिंडर पहुंचाया जा सके। ऐसे समय में जागरूकता और धैर्य ही सबसे बड़ा समाधान है, जिससे सप्लाई सिस्टम संतुलित बना रह सके और सभी को समय पर सुविधा मिलती रहे।


