फर्रुखाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मरीजों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है।
ताजा मामला जिला अस्पताल से सामने आया है, जहां वार्ड में भर्ती मरीजों को बेड पर चादर तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। मजबूरी में मरीजों को बिना चादर के ही बेड पर लेटना पड़ रहा है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है।
मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि कई बार अस्पताल कर्मचारियों से चादर की मांग की गई, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। इस तरह की लापरवाही से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे अन्य मरीजों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल स्तर पर कर्मचारियों की उदासीनता इन प्रयासों पर पानी फेरती नजर आ रही है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सरकारी अस्पतालों की लापरवाही उजागर, मरीजों को नहीं मिल रहीं चादरें—योगी सरकार के प्रयासों पर उठे सवाल


