*यूपी के किसानों को अनुदान पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करा रही सरकार*
*गत वर्ष की तुलना में प्रदेश में 3.13 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक उपलब्ध*
*उर्वरकों के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए फार्मर आईडी के आधार पर ही की जाएगी बिक्री*
किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरक क्रय करने और समय से पूर्व अत्यधिक खरीद व भंडारण न करने की अपील
लखनऊ, 18 मई। प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश में 13.28 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 05.23 लाख मी. टन डीएपी, 04.81 लाख मी. टन एनपीके, 03.69 लाख मी. टन एसएसपी एवं 0.93 लाख मी. टन एमओपी को मिलाकर कुल 27.94 लाख मी. टन उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। पिछले वर्ष की तुलना में 3.13 लाख मी. टन अधिक उर्वरक उपलब्ध है।
प्रदेश सरकार किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने को संकल्पित है। इसी के दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों के लिये अनुदान पर सभी प्रकार के उर्वरकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों की आवश्यकतानुसार रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के सक्रिय सहयोग से प्रचुर मात्रा में उर्वरकों की अनवरत उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। आगामी खरीफ फसलों की मांग के अनुसार भारत सरकार द्वारा लगातार आवंटन करते हुए उर्वरकों की निरन्तर आपूर्ति की जा रही है।
अनुदानित उर्वरक का दुरुपयोग रोकने के लिये शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि उर्वरकों का विक्रय किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) उपलब्ध कराने वाले कृषकों को उनकी जोत सम्बन्धी अभिलेखों के आधार पर ही किया जाय। कृषि विभाग द्वारा अनुदानित उर्वरकों (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी) के साथ किसी अन्य निवेश की टैगिंग को पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरकों की सुगमतापूर्वक खरीद के लिये फार्मर आईडी के साथ विक्रय केन्द्रों पर पहुंचें और अपनी बोई गई फसल के लिये कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संस्तुत मात्रा के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों की खरीद एवं प्रयोग करें।


