– पुलिसकर्मियों पर नजर रखने के लिए बनाई गोपनीय टीम
फर्रुखाबाद। जनपद में पुलिस व्यवस्था को संवेदनशील, जवाबदेह और जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बड़ा कदम उठाया है। आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरता से न लेने वाले, फरियादियों को टरकाने वाले और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए एसपी आरती सिंह ने अपनी एक गोपनीय टीम गठित कर दी है।
सूत्रों के अनुसार यह विशेष टीम जिले के विभिन्न थानों और पुलिस कार्यालयों में पहुंचने वाले फरियादियों की समस्याओं, पुलिसकर्मियों के व्यवहार और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का गोपनीय आकलन करेगी। टीम यह भी देखेगी कि थानों में आने वाले पीड़ितों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो रहा है या नहीं।
बताया जा रहा है कि कई स्थानों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ पुलिसकर्मी आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, उन्हें घंटों बैठाए रखते हैं या बिना कार्रवाई के वापस लौटा देते हैं। ऐसे मामलों को एसपी आरती सिंह ने बेहद गंभीरता से लिया है।
पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट संदेश है कि शासन की प्राथमिकता “जनता को त्वरित न्याय और सम्मान” देना है और इसमें लापरवाही बरतने वालों की अब खैर नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक गोपनीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
जनपद में एसपी आरती सिंह की कार्यशैली को लेकर पहले से ही चर्चा रही है। लगातार जनसुनवाई, वर्चुअल समीक्षा बैठकें और थानों की मॉनिटरिंग के बाद अब गोपनीय निगरानी व्यवस्था को पुलिस प्रशासन में बड़ी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हुई तो आम लोगों को थानों में बेहतर सुनवाई मिल सकेगी और पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं पुलिस महकमे में भी इस कदम के बाद हलचल तेज हो गई है। कई पुलिसकर्मी अब अपने व्यवहार और कार्यशैली को लेकर अतिरिक्त सतर्क नजर आ रहे हैं।
जनता के बीच यह संदेश तेजी से जा रहा है कि फर्रुखाबाद पुलिस अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि पीड़ितों के सम्मान और विश्वास को भी प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


