–शाहजहांपुर में शहीदों की प्रतिमाएं तोड़े जाने पर बवाल, ठेकेदार पर कार्रवाई की तैयारी
शाहजहांपुर। नगर निगम क्षेत्र में शहीद पार्क के सौंदर्यीकरण के दौरान महान क्रांतिकारियों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह की प्रतिमाएं बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना से पूरे शहर में आक्रोश व्याप्त है और आम नागरिकों से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने इसे शहीदों का अपमान बताया है। जानकारी के अनुसार, शहीद पार्क में सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा था, लेकिन प्रतिमाओं को हटाने या तोड़ने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा बुलडोजर चलाकर प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त कर दी गईं, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं। नगर आयुक्त विपिन मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य के लिए केवल सौंदर्यीकरण की अनुमति दी गई थी, न कि किसी प्रकार की तोड़फोड़ की। घटना सामने आते ही शहर में आक्रोश की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि यह केवल मूर्तियों का टूटना नहीं, बल्कि उन महान बलिदानों का अपमान है जिनकी बदौलत देश आजाद हुआ। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना और जनभावनाओं का सम्मान किए यह कार्रवाई की गई। सामाजिक संगठनों, इतिहास प्रेमियों और युवाओं ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी नगर निगम प्रशासन के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
बुद्धिजीवियों का कहना है कि शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित रखना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। इस तरह की घटनाएं न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गलत संदेश भी देती हैं। जनप्रतिनिधियों पर भी इस मामले को लेकर दबाव बढ़ रहा है। आम जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। नगर निगम की चुप्पी लोगों के गुस्से को और बढ़ा रही है। शहरवासियों ने एक स्वर में कहा है कि शहीदों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए शहीदों की प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाए।


