मैनपुरी
करहल क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और गैस आपूर्ति को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता को गुमराह करने में लगी हुई है और पार्टी के कार्यकर्ताओं को झूठ बोलने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार इस स्थिति का बहाना बनाकर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी कर सकती है। उनका कहना था कि चुनावी माहौल को देखते हुए फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखा जा रहा है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बड़ा बोझ डाला जाएगा।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी हमेशा से समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति करती रही है। जनता के मूल मुद्दे जैसे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान है, ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी लोगों की कमर तोड़ देगी।
गैस संकट पर बोलते हुए प्रो. यादव ने कहा कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति पहले ही प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के रास्ते आने वाली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे सिलेंडर की उपलब्धता पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पर्याप्त मात्रा में गैस उत्पादन नहीं होता, जिसके चलते देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, और सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
पंचायत चुनाव के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में न्यायालय ने सरकार से जवाब मांगा है, जो यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कई खामियां मौजूद हैं। उन्होंने निष्पक्ष और समयबद्ध चुनाव कराने की मांग भी उठाई।
इस दौरान कार्यक्रम में पूर्व एमएलसी अरविंद प्रताप यादव, पूर्व विधायक अनिल यादव, सभासद मोहम्मद अकरम बबलू, मोहम्मद राशिद, संतोष यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए जनता के हितों की रक्षा की बात कही।
प्रो. रामगोपाल यादव के इस बयान के बाद क्षेत्र की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और महंगाई को लेकर आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा, जिसका सीधा असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है।


