एटा। जिले के नगला जगरूप गांव के एक भाई-बहन ने भारतीय सेना में एक साथ लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन कर दिया है। सीडीएस परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर दोनों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। युवाओं के लिए यह सफलता प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
जानकारी के अनुसार नगला जगरूप गांव निवासी मानसी दीक्षित (25) और उनके छोटे भाई प्रियांशु दीक्षित (23) ने हाल ही में चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) से कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है। एक ही परिवार के भाई-बहन का एक साथ सेना में अधिकारी बनना अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि मानी जा रही है।
मानसी दीक्षित ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी मैथ ऑनर्स के साथ एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है, जबकि उनके भाई प्रियांशु दीक्षित ने गलगोटिया विश्वविद्यालय से गणित ऑनर्स की शिक्षा प्राप्त की। प्रियांशु की बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा थी और उन्होंने अपनी बहन को भी आर्म्ड फोर्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों ने लगातार मेहनत और तैयारी कर इस लक्ष्य को हासिल किया।
मानसी ने बताया कि उन्होंने पहले भारतीय वायुसेना में पायलट बनने का प्रयास किया था, लेकिन मात्र एक सेंटीमीटर की ऊंचाई कम होने के कारण वह उस चयन में सफल नहीं हो सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया। सर्विस सिलेक्शन बोर्ड द्वारा उनका चयन पांच बार हुआ, जिसके बाद उन्होंने अंतिम रूप से सेना में जाने का निर्णय लिया।
प्रियांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। माता-पिता ने पढ़ाई के दौरान हर कदम पर सहयोग किया और स्कूल-कॉलेज आने-जाने तक में उनका पूरा ध्यान रखा। उनकी प्रेरणा और सहयोग के कारण ही आज दोनों भाई-बहन यह मुकाम हासिल कर सके हैं।
मानसी ने बताया कि भाई के साथ प्रशिक्षण करने के कारण उन्हें कभी भी अकेलापन महसूस नहीं हुआ और दोनों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए कठिन प्रशिक्षण को पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। गांव और जिले के लोग भी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और दोनों को बधाई दे रहे हैं।


