लखनऊ: योगी सरकार में मंत्री बेबीरानी मौर्य (Baby Rani Maurya) ने महिला आरक्षण को लेकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सपा का इतिहास महिला विरोधी रहा है। अखिलेश महिला आरक्षण समझ नहीं पाए. सपा अपने मूल स्वरूप में महिला विरोधी है। सपा शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े, लड़के हैं, गलती हो जाती है बयान महिलाओं का अपमान है। मंत्री ने आगे कहा कि सपा ने 2010 में महिला आरक्षण का विरोध किया था। सपा शासन में रेप, हत्या, घरेलू हिंसा उच्च स्तर पर रही।
बता दें कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा लगातार विपक्ष पर हमलावर है। बीते दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरा था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और उसके पिछलग्गू दल वर्षों से ‘नारी सशक्तिकरण’ के नाम पर केवल खोखले नारों का बाज़ार लगाते रहे, लेकिन जब संसद में महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने का वक्त आया, तो उससे कन्नी काट ली। इससे उनका असली चेहरा देश की जनता के सामने आ गया है।
मौर्य ने कहा था कि यह विरोध भारत की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता पर सीधा प्रहार करता है। यह दिखाता है कि विपक्ष महिलाओं की भागीदारी नहीं, बल्कि अपने ‘राजनीतिक स्वार्थ’ को सर्वोपरि मानता है। आज देश साफ देख रहा है, एक तरफ यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण को स्थापित किया जा रहा है। दूसरी तरफ नारी सशक्तिकरण के बारे में विपक्ष की संकीर्ण सोच है।
आगे केशव मौर्य ने ये भी कहा कि देश की आधी आबादी से जुड़ा यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की नारी शक्ति के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। जहां विपक्ष आधी आबादी को उनका हक देने के खिलाफ है। जनता इसका उनसे हिसाब-किताब करेगी. इसमें किसी प्रकार का संशय नहीं है।


