अपराध और अपराधियों के खिलाफ शंखनाद जारी रहेगा
जाति और धर्म के नाम पर समर्थन करने वालों की परवाह नही, यहां न फर्जी मुकदमों से भय, न मौत से
समाज में कानून का राज स्थापित करने के लिए अब निर्णायक समय आ चुका है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ शंखनाद हो चुका है। प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को भयमुक्त वातावरण मिल सके। हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में संगठित अपराध, भू-माफिया, गैंगस्टर और असामाजिक तत्वों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। पुलिस और प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। जो भी व्यक्ति अपराध में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब शासन-प्रशासन अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है, तो उसका सीधा लाभ समाज को मिलता है। निवेश, व्यापार और सामाजिक समरसता तभी संभव है जब कानून-व्यवस्था मजबूत हो। हालांकि यह भी जरूरी है कि कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिक दायरे में हो, ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो। कानून का सख्त और न्यायपूर्ण क्रियान्वयन ही स्थायी समाधान है।
जनता भी अब खुलकर अपराध के खिलाफ आवाज उठा रही है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि भयमुक्त समाज ही विकास की पहली शर्त है।स्पष्ट है अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह शंखनाद केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। यहां यह भी बता दें कि जाति और धर्म के नाम पर समर्थन कर दुष्प्रचार करने वालों की हमें या हमारे मीडिया हाउस को परवाह नही है। यहां न फर्जी मुकदमों से भय है और न मौत से।
जानकार जानते ही होंगे कि हम आधा सैकड़ा से भी जयादा फर्जी मुकदमें माफिया तंत्र और नॉन प्रक्टिशनर वकीलों दागी और दबंग सफेद पोशों से पहले भी नही दबे, हमने इंसानियत को जिंदा रखने के लिए कलम उठाई थी जो आज भी बरकरार है, हम किसी राजनैतिक दल की न तो ढाल बने न किसी अपराधी और किसी भी समाज के सामाजिक संगठन के संरक्षणदाता। हम केवल पत्रकार हैं हमारी जाति भारतीय है और हमारा धर्म इंसानियत।


