=अपनी मेहनत और खुद की देखभाल से भी जीती जंग
यूथ इंडिया संवाददाता
शाहजहांपुर। विश्व कैंसर दिवस बुधवार को है। कैंसर जैसे गंभीर रोग की चपेट में आने से मरीज जीने की उम्मीद को छोड़ देता हैं, लेकिन जिले के मदनापुर विकासखंड के करनपुर पडऱी निवासी शिखा सिंह राठौर ने कैंसर को हरा दिया। गंभीर समय में हौसला नहीं छोड़ा और स्वस्थ होकर समाजसेवा के कार्य में लगी हैं।
निजी स्कूल में पढ़ाने वालीं शिखा सिंह राठौर ने वर्ष 2022 में त्वचा में दिक्कत होने पर जांच कराई थी। शरीर में खुजली होने पर उन्होंने जांच कराई तो ब्रेस्ट कैंसर होने की पुष्टि हुई। जानकारी में आने के बाद शिखा ने हिम्मत नहीं हारी। वह बताती हैं कि पिता का निधन होने के बाद मां माधुरी देवी को रोग के बारे में बताया। मां ने हौसला दिया और बहन रिचा सिंह के साथ उपचार के लिए मुंबई भेजा। वह एक सप्ताह के लिए मुंबई गईं थीं, लेकिन दस महीने के बाद लौटकर आईं।
शिखा ने बताया कि कैंसर होने पर सकारात्मक विचार रखें। मुश्किल समय में बिखरने के बजाय निखरने पर फोकस किया। यही वजह थी कि रोग को हरा दिया। यही सोचा कि जितना जीना है, अच्छे से समय गुजारना है। हौसले को बरकरार रखकर जिंदगी का जज्बा बरकरार रखा। अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और दूसरों की मदद भी करते हैं।
शिखा ने हौसले से कैंसर को हराया अब जी रहीं स्वस्थ जिंदगी


