अमृतपुर: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, तहसील अमृतपुर की ओर से लेखपालों की लंबे समय से लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। संघ ने शासन और राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला हैं और लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार तथा अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड-पे किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई है।
संघ ने आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार बड़ी संख्या में लेखपाल अपने गृह जनपद व गृह मंडल से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। इसके अलावा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने तथा विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की गई।
लेखपालों ने चयन वर्ष 2024 के विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित कर स्थायीकरण, 16 वर्षों से लंबित विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी, तथा परिषदादेश के विपरीत पटलों पर लगाए गए लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग भी रखी। ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए अलग कक्ष, फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने तथा आवश्यक तकनीकी संसाधन, लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है। संघ ने कहा कि विभिन्न मांगों पर लंबे समय से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लेखपाल संवर्ग में असंतोष है।
संघ ने चेतावनी दी कि मांगों के संबंध में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 17 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार किया जाएगा। आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्यों में उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी राजस्व परिषद एवं शासन की होने की बात कही गई है। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से लंबित मांगों पर शीघ्र शासनादेश अथवा सकारात्मक निर्णय कराने के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है।


