– पॉक्सो अधिनियम के प्रति बच्चों और समाज को जागरूक करने के लिए चला विशेष विधिक साक्षरता अभियान
लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को जनपद न्यायालय, लखनऊ में कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमा एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ श्री मलखान सिंह ने की।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा सहित न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदार सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज में जिम्मेदारी, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रति बच्चों को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के लिए विशेष विधिक साक्षरता अभियान चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा तथा यौन अपराधों से संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना और समाज में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इसी क्रम में नेशनल इंटर कॉलेज, सेंटीनियल इंटर कॉलेज, लखनऊ क्रिश्चियन इंटर कॉलेज तथा नारी शिक्षा निकेतन, लखनऊ के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने पॉक्सो अधिनियम के प्रति लोगों को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के लिए प्रभात फेरी निकाली।
प्रभात फेरी को जनपद न्यायाधीश श्री मलखान सिंह ने न्यायालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभात फेरी में विद्यार्थियों ने जागरूकता संदेशों के माध्यम से बाल सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक किया।
इस अवसर पर एलएडीसी के अधिवक्तागण, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक, न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।


