मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन, एनेक्सी, लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी के जीवन, उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण को स्मरण किया। शास्त्री जी का सार्वजनिक जीवन ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सादगी के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर देश के लिए उनके योगदान को याद किया।
लाल बहादुर शास्त्री ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में ऐसे समय में जिम्मेदारी संभाली, जब भारत अनेक चुनौतियों से गुजर रहा था। उन्होंने अपने कार्य और आचरण से सार्वजनिक जीवन में सादगी तथा जिम्मेदारी की मिसाल कायम की।
उनका जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक पद की गरिमा केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के निर्वहन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण से बढ़ती है। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करता है।
2 अक्टूबर को देशभर में महात्मा गांधी की जयंती के साथ लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। दोनों महान व्यक्तित्वों के जीवन में सत्य, सादगी, अनुशासन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों का विशेष महत्व रहा।
लखनऊ में भी विभिन्न सरकारी संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी स्थित शास्त्री भवन पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचे शास्त्री जी ने अपने आचरण में सादगी और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को महत्व दिया।
उनकी जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम ऐसे मूल्यों को स्मरण करने का अवसर भी है, जिनमें ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और राष्ट्रसेवा प्रमुख हैं।


