नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में छात्रों से संवाद को लेकर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर राजनीतिक भाषण में बदल गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाया, लेकिन देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है।
खड़गे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए नए-नए जुमले लाए जाते हैं। कभी ‘नाराज फूफा’ तो कभी ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सरकार की नीतियां नहीं बदलतीं। उन्होंने कहा कि “आउटरीच तभी करनी पड़ती है, जब आप आउट ऑफ रीच हो जाते हैं।”
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में छात्रों को संबोधित किया था। करीब 48 मिनट के संबोधन में उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप, तकनीक और भारत की बदलती अर्थव्यवस्था पर बात की। उन्होंने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों को युवाओं की भाषा में ‘ओजी’ यानी पुराने खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उन्होंने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है।
प्रधानमंत्री ने अपने 2013 के एसआरसीसी भाषण का भी उल्लेख किया और कहा कि तब और आज के भारत में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने ‘नाराज फूफा’ वाले तंज के जरिए उन लोगों पर निशाना साधा, जो बुलेट ट्रेन, यूपीआई और नई संसद जैसी परियोजनाओं पर सवाल उठाते हैं।
अपने संबोधन में मोदी ने 15 अगस्त के भाषण का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ और ‘होम्योपैथी की गोली’ वाला बयान भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा अब बड़े सपने देख रहा है और स्टार्टअप से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक नए अवसर तलाश रहा है।
प्रधानमंत्री के इसी संबोधन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। खड़गे के हमले ने युवाओं, सरकार की नीतियों और राजनीतिक संवाद को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।


