यूथ इंडिया कन्नौज
कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाग्रस्त कार से 10.026 किलो 24 कैरेट सोना बरामद होने के बाद अब मामला सियासी तकरार में बदल गया है। पुलिस के मुताबिक बरामद सोने की कीमत करीब 15 करोड़ 39 लाख रुपये है और दो लोगों को हिरासत में लेकर सोना कस्टम विभाग के सुपुर्द किया गया है।
इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने लिखा—“दस दिखाया, सोलह गटकाया, ‘भाजपा’ की पुलिस की माया।” उन्होंने कन्नौज में पुलिस की गाड़ी से हुए एक्सीडेंट का जिक्र करते हुए दावा किया कि कार की तलाशी में सोने के बिस्किट मिले, लेकिन बरामदगी की मात्रा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अखिलेश यादव की पोस्ट में दावा किया गया कि सूत्रों के अनुसार 26 किलो सोना पकड़ा गया था,लेकिन केवल 10 किलो सोना दिखाया गया। उन्होंने यह भी तंज कसा कि बरामद बिस्किट को पहले ‘पीली धातु’ बताया गया और सवाल उठाया कि कहीं बाद में सोने के बिस्किट की संख्या या मात्रा कम न दिखाई जाए। हालांकि, ये दावे अखिलेश यादव की पोस्ट में लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की पोस्ट ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि गोरखपुर में सत्ता से जुड़े लोगों और बड़े भाजपा नेताओं से कथित कनेक्शन रखने वाले लोग सोने और गांजा तस्करी में शामिल हैं। पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कथित तस्करी नेटवर्क और संरक्षण को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सपा मीडिया सेल ने एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सत्ता और सरकार को कथित तौर पर प्रभावित कर बड़ी मात्रा में सोना इकट्ठा कर इधर से उधर किया जा रहा है। पोस्ट में मुख्यमंत्री से कथित नेटवर्क,संरक्षण और उससे जुड़े लोगों को लेकर सवाल पूछे गए हैं।
उधर, पुलिस के अनुसार 10.026 किलो 24 कैरेट सोना दुर्घटनाग्रस्त ब्रेजा कार से बरामद हुआ है। दो संदिग्धों में एक महाराजगंज और दूसरा नेपाल का रहने वाला बताया गया है। वैध दस्तावेज नहीं मिलने के बाद GST टीम ने पूछताछ की और नेपाल कनेक्शन सामने आने पर कस्टम विभाग को जांच सौंपी गई।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वास्तव में बरामद सोने की कुल मात्रा कितनी थी, सोना कहां से आया और कहां ले जाया जा रहा था? सपा के आरोपों और पुलिस के आधिकारिक दावे के बीच अंतर को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कस्टम विभाग की जांच से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।


