फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। 11 अगस्त को गंगा का जलस्तर 137.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। प्रशासन के अनुसार जिले की तीन तहसीलों के 49 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ से तहसील सदर के 12, कायमगंज के 18 और अमृतपुर के 19 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में कुल 40,805 लोग और 8,467 परिवार प्रभावित हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय मूलभूत सुविधाओं के साथ तैयार किए गए हैं। इनमें तीन शरणालयों में अब तक 588 लोगों को ठहराया जा चुका है और उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया। आवागमन एवं बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 57 नाव और 15 मोटर बोट लगाई गई हैं।
राहत एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की एक कंपनी मोटरबोट व उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी जरूरत के अनुसार लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों में 128 मेडिकल कैंप लगाए गए, जहां 7,202 लोगों का उपचार किया गया। 9,812 ओआरएस पैकेट और 7,748 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।
पशुधन की सुरक्षा के लिए 53 पशु शिविर लगाए गए हैं। अब तक 2,954 पशुओं का उपचार और 6,640 का टीकाकरण किया गया है। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के तहत 4,134 खाद्यान्न पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और बचाव कार्य लगातार जारी रखने की जानकारी दी है।


