फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले सोमवार को शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह को सौंपा।
शिक्षामित्रों ने मांग की कि टेट पास शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक बनाया जाए और नॉन-टेट शिक्षामित्रों को विभागीय स्तर पर टेट कराकर शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। इसके साथ ही मृतक शिक्षामित्रों के आश्रितों को नौकरी देने तथा उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई गई।
महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल पक्ष के निकट स्थानांतरण की सुविधा देने और पुरुष शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में वापस भेजने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। शिक्षामित्रों ने सेवाकाल 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग रखी। इसके अलावा जनपद के लगभग सभी शिक्षामित्रों के जनवरी, फरवरी और मार्च 2018 के बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग भी की गई।
जिला मीडिया प्रभारी प्रवीन कटियार ने कहा कि शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को शिक्षामित्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए टेट पास शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक का दर्जा और नॉन-टेट शिक्षामित्रों के लिए विभागीय टेट की व्यवस्था करनी चाहिए। मृतक शिक्षामित्रों के परिवारों की स्थिति को देखते हुए उनके आश्रितों को नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाना भी जरूरी है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह यादव, कोषाध्यक्ष प्रदीप गौतम, जिला महिला प्रभारी सुषमा सिंह सिसोदिया, ज्ञानेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, अखिलेश कुमार, नवल किशोर, अलकेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।


