लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को हजरतगंज चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके पुतले पर कालिख पोती और चप्पलों से पीटा। पुलिस ने पुतला जलाने से पहले ही अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वोटों की कथित चोरी के जरिए अलग-अलग राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार बनाने में मदद की गई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। हालांकि ये आरोप समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के हैं और स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
प्रदर्शन में शामिल जीतू कश्यप ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। उनके मुताबिक पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को कई बार साक्ष्य दिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सामने आ रही रिपोर्टों से विपक्ष के सवालों को बल मिला है।
वहीं अंकित यादव ने कहा कि कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ गाली-गलौज और दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा और 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” समेत कई नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। निर्वाचन आयोग स्वयं चुनावों के संचालन को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी बताता है और चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची, दावे-आपत्तियों तथा अपील की व्यवस्थाओं का उल्लेख करता है।


