अनुराग तिवारी
इटावा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल बाराबंकी में तैनात क्षेत्राधिकारी नरेंद्र सिंह की रविवार देर रात सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में उनके साथ मौजूद सिपाही एवं गनर योगेंद्र सिंह भी घायल हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) निवासी नरेंद्र सिंह अपने गनर योगेंद्र सिंह के साथ कार से लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे थे। शनिवार शाम ऊसराहार थाना क्षेत्र के खरगुआ के पास उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और नरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था।
नरेंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी हुई थी। रविवार को परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ने पर उन्हें वापस सैफई लाया गया। इसके बाद देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की पुष्टि बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने की। घायल सिपाही योगेंद्र सिंह का उपचार जारी है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, नरेंद्र सिंह करीब छह माह पहले बागपत में निरीक्षक के पद पर तैनात थे। प्रांतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के बाद उन्हें क्षेत्राधिकारी बनाया गया था और इसके बाद उनकी तैनाती बाराबंकी में हुई थी। सीओ नरेंद्र सिंह की मौत की खबर से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।


