केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केरल, झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के शिक्षामंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। छात्रों का कहना था कि यदि परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय की जा रही है, तो सभी राज्यों में समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए।
दोपहर करीब 12 बजे विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और पेपर लीक के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद छात्र गेट के पास ही धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि जिन राज्यों में उनकी पार्टी या गठबंधन की सरकारें हैं, वहां पेपर लीक की घटनाओं पर वे खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। छात्रों ने मांग की कि जिन राज्यों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, वहां के संबंधित शिक्षामंत्रियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। फिलहाल संबंधित राजनीतिक दलों या राज्य सरकारों की ओर से छात्रों की मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।


