– दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद अस्पताल बदला
– 24 दिनों से अधिक समय से जारी है आमरण अनशन
नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अदालत की अनुमति मिलने के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। अस्पताल बदलने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से आमरण अनशन पर हैं। लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन उनके परिजनों ने निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी थी। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मेदांता अस्पताल में स्थानांतरण की अनुमति दे दी।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में कमजोरी, रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से कम तथा पोटैशियम की कमी जैसी समस्याएं देखी गई थीं। डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय सहायता और पोषण देने की सलाह दी थी, लेकिन वांगचुक अपने आंदोलन पर कायम रहे।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल बदलने के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल बदलने से आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखेंगे।


