जिम्मेदारों की उदासीनता से सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान
फर्रुखाबाद। पुलिस लाइंस फतेहगढ़ में विभागीय व्यवस्था मे कई आवास लंबे समय से खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर कई पुलिसकर्मी सरकारी आवास के लिए लगातार प्रयास करने के बावजूद किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। खाली पड़े सरकारी आवास धूल फांक रहे हैं और उनकी हालत भी धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस लाइंस में उपलब्ध कई सरकारी आवासों का लंबे समय से आवंटन नहीं किया गया है। इसके कारण कई पुलिसकर्मियों को सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। यदि इन आवासों का समय पर आवंटन किया जाए तो पुलिसकर्मियों को राहत मिलने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति का भी समुचित उपयोग हो सकेगा।
नियमों के अनुसार सरकारी आवास आवंटित होने पर संबंधित पुलिसकर्मी के वेतन से निर्धारित लाइसेंस शुल्क व हाउस रेंट की कटौती होती है, जो सरकारी राजस्व में जमा होता है। ऐसे में दर्जनों आवास खाली पड़े रहने से सरकार को प्रत्येक माह लाखों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान होने की चर्चा है। वहीं दूसरी ओर खाली पड़े मकानों की देखरेख न होने से सरकारी संपत्ति भी खराब होती जा रही है।
इस संबंध में जब प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस लाइंस से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरकारी आवासों का आवंटन पुलिस अधीक्षक के स्तर से किया जाता है।


