– बिजली बचाने के विवाद ने लिया हिंसक रूप
बाराबंकी। रामनगर तहसील में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तहसील परिसर में नाजिर और पेशकार के बीच चल रहा विवाद मारपीट में बदल गया। घटना के बाद तहसील कर्मियों में हड़कंप मच गया और सरकारी कार्यालय के भीतर हुए इस विवाद की चर्चा पूरे परिसर में होती रही।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत बिजली बचाने को लेकर हुई। बताया जा रहा है कि तहसील के नाजिर अरविंद शुक्ला और पेशकार आशुतोष के बीच बिजली के अनावश्यक उपयोग को लेकर कहासुनी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के बीच पिछले दो-तीन दिनों से लगातार तनातनी चल रही थी, जो शुक्रवार को अचानक हिंसक रूप ले गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पेशकार आशुतोष ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नाजिर अरविंद शुक्ला के साथ मारपीट की। घटना के दौरान तहसील परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। हालांकि, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही।
सूत्रों के अनुसार, विवाद की एक वजह हाल ही में हुए तबादले के बाद कार्यभार ग्रहण करने को लेकर भी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कार्यभार हस्तांतरण को लेकर दोनों पक्षों में पहले से ही मतभेद चल रहे थे, जिसने बाद में बिजली बचाने के मुद्दे के साथ मिलकर विवाद को और बढ़ा दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद तहसील प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। यदि किसी कर्मचारी की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने या अनुशासनहीनता की पुष्टि होती है तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।


