नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय जांच एजेंसी ने दो अलग-अलग राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के एक अधिकारी और सैन्य अभियंत्रण सेवा के एक अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है और आय से अधिक संपत्ति समेत अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पहली कार्रवाई मेघालय की राजधानी शिलांग में की गई, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के परियोजना निदेशक पर एक ठेकेदार के 13 करोड़ 38 लाख रुपये के बकाया बिल पारित करने के बदले 12 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने रिश्वत की पहली किस्त 4 लाख रुपये एक निजी व्यक्ति के माध्यम से लेने की योजना बनाई थी। शिकायत मिलने के बाद बिछाए गए जाल में दोनों बिचौलियों को रकम लेते हुए गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद परियोजना निदेशक को भी हिरासत में ले लिया गया।
दूसरी कार्रवाई हिमाचल प्रदेश के मनाली में हुई, जहां सैन्य अभियंत्रण सेवा के सहायक अभियंता को एक फर्म का बिल पारित करने के बदले 93 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता पहले ही 40 हजार रुपये दे चुका था, जबकि शेष 53 हजार रुपये लेते समय जांच एजेंसी ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके आवास से 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


