रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
नई दिल्ली/जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए। एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने स्वयं उनकी अगवानी कर गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री के विमान के इंडोनेशियाई वायुक्षेत्र में प्रवेश करते ही वहां की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उसे सुरक्षा घेरा प्रदान किया, जिसे दोनों देशों के मजबूत और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जकार्ता पहुंचने के बाद उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया और भारत तथा इंडोनेशिया के बीच दो हजार वर्षों से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को नई गति देगा।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का भ्रमण करेंगे, जो भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय साझेदारी सहित कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
इंडोनेशिया यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस तीन देशों की यात्रा का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, आर्थिक सहयोग का विस्तार करना और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई देना है। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।


