फर्रुखाबाद। शहर के मुहल्ला नौलक्खा स्थित दरगाह सैयद हजरत सैयद सुल्तान बक्श शाह मे जलसा ए शहीदाने कर्बला कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मुकामी शायरों ने इमाम हुसैन की शान में अपनी तरन्नुम आवाज से कलाम पढ़कर बैठे हुए जाएरीन को झूमने पर मजबूर कर दिया इस मौके पर या हुसैन या अली के लगे नारे काफ़ी संख्या मे ज़ाएरीन ने मज़ार पर पहुंच कर चादर व हार फूल चढ़ाकर अपनी मनोकमाना पूरी होनें पर चादर चढ़ाई हिन्दू मुस्लिम एकता का नजारा देखने को मिला । ज़िक्रे हुसैन की एक पुरअसर और रूहानी महफिल का इनका़द किया गया। जिक्र इमाम हुसैन की महफिल में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और उनकी तालीमात को याद किया।
इस मौके पर हाफ़िज़ कारी अनवर रजा ने ख़ि़ताब में कहा कि हज़़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का पैग़ाम इंसानियत, सब्र, हक़ और इंसाफ़ का पैग़ाम है, जिससे हर दौर में रहनुमाई मिलती है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा, मोहब्बत और दीन की तालीमात पर अमल करने की अपील की।
मजलिस के दौरान ज़िक्र, सलाम और दुआ का सिलसिला भी जारी रहा तथा मुल्क में हाफ़िज़ कारी तनवीर रजा खा खान वारसी अशद आदि ने कलाम पड़े व
अमन, तरक़्क़ी और खुशहाली के लिए दुआ की गई। मनक़़बत पेश की।अंत में प्रसाद वितरित किया गया दरगाह के खादिम शेरू वारसी नानू आदि लोग उपस्थित रहे।
शहीदाने कर्बला कांन्फ्रेंस साझा संस्कृति का देखने को मिला नजारा


