आगरा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का सुशासन, न्याय व्यवस्था और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सुशासन और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। वह मंगलवार को आगरा के एत्मादपुर स्थित मॉडल स्कूल परिसर में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
ओम बिरला ने कहा कि लगभग 300 वर्ष पहले लोकमाता अहिल्याबाई ने जिस कुशल प्रशासन, निष्पक्ष न्याय और जनहितकारी शासन की मिसाल पेश की थी, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दूरदर्शिता के साथ शासन चलाया तथा देशभर में मंदिरों, तीर्थस्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण का कार्य कराया, जिसके कारण उन्हें पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने देशभर में 12,776 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया तथा कश्मीर से कन्याकुमारी तक धर्मशालाओं, कुओं और जनसुविधाओं का निर्माण कराया। उन्होंने उन्हें नारी सशक्तीकरण की प्रतीक बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देने के लिए विभिन्न संस्थानों का नाम उनके नाम पर रखा है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे ने कहा कि महारानी बनने के लिए सिंहासन चाहिए, लेकिन लोकमाता बनने के लिए करोड़ों लोगों का विश्वास जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान राम, भगवान कृष्ण और छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे देश के हैं, उसी प्रकार लोकमाता अहिल्याबाई भी पूरे राष्ट्र की लोकमाता हैं।
इस अवसर पर प्रो. बघेल ने समाज से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा दिलाने की अपील करते हुए गणित, अंग्रेजी और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया। समारोह में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, विधायक पूजा पाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


