लखनऊ, 23 जून। राजधानी लखनऊ में एक अवैध इमारत में संचालित ट्रेनिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 बच्चों की मौत और कई अन्य के घायल होने की घटना पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि यह हादसा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों और संस्थान संचालकों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बने। उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अवध प्रदेश अध्यक्ष वीरपाल सिंह भदोरिया ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं। प्रशासन अक्सर हादसों के बाद ही सक्रिय होता है। उन्होंने सरकार से घायलों के समुचित उपचार, पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की।
प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह ने अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली इमारतों को अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) कैसे जारी कर दिए जाते हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर बहुमंजिला इमारतों और कोचिंग संस्थानों की जांच कराने की मांग की।
घटना पर शोक व्यक्त करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विकास भदोरिया, विवेक भदोरिया, अभय सिंह राजावत, प्रबल प्रताप सिंह, टी.एन. सिंह तथा ज्ञानेंद्र सिंह सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महासभा ने मांग की कि प्रदेश के सभी जिलों में संचालित कोचिंग एवं प्रशिक्षण संस्थानों का व्यापक सत्यापन कराया जाए तथा सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों को तत्काल बंद किया जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।


