कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) के भीतर जारी सियासी संकट के बीच बागी खेमे ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को अपना नया अध्यक्ष घोषित कर दिया है। बागी गुट ने दावा किया है कि उसने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को “वास्तविक टीएमसी ” का चेहरा बनाया है।
अरूप रॉय पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे हावड़ा मध्य विधानसभा सीट से लगातार चार बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं तथा हावड़ा जिले में संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता में आयोजित विशेष बैठक में अरूप रॉय को अध्यक्ष घोषित किया। बागी नेताओं का दावा है कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत है और वे चुनाव आयोग के समक्ष खुद को “असली TMC” के रूप में पेश करेंगे।
अरूप रॉय की नियुक्ति को ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बगावत, सांसदों और विधायकों के अलग रुख तथा संगठनात्मक विवादों ने टीएमसी की आंतरिक राजनीति को काफी प्रभावित किया है।
हालांकि ममता समर्थक खेमे ने बागियों के इस फैसले को मान्यता देने से इनकार किया है और ममता बनर्जी को ही पार्टी का वैध अध्यक्ष बताया है। ऐसे में अब सबकी नजर चुनाव आयोग और आगे की राजनीतिक घटनाओं पर टिकी हुई है।


