43.3 C
Lucknow
Monday, June 22, 2026

नीट-यूजी: दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा

Must read

डॉ विजय गर्ग
भारत में डॉक्टर बनने का सपना लाखों विद्यार्थी देखते हैं। इस सपने को पूरा करने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा । आज नीट-यूजी केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बन चुकी है। हर वर्ष लगभग 22 लाख से अधिक विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक अद्वितीय परीक्षा बनाता है।

नीट-यूजी का आयोजन पूरे देश में एक साथ किया जाता है। इसमें महानगरों से लेकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक के विद्यार्थी भाग लेते हैं। विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्र एक समान अवसर के साथ इस परीक्षा में बैठते हैं। यही कारण है कि नीट को भारत की सबसे लोकतांत्रिक और व्यापक प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में नीट के प्रति विद्यार्थियों का आकर्षण लगातार बढ़ा है। चिकित्सा क्षेत्र में करियर की प्रतिष्ठा, समाज सेवा का अवसर और रोजगार की अपेक्षाकृत बेहतर संभावनाओं ने लाखों युवाओं को इस दिशा में प्रेरित किया है। परिणामस्वरूप हर साल परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है।

हालांकि, परीक्षा में बैठने वाले 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों की तुलना में एमबीबीएस सीटों की संख्या काफी कम है। यही वजह है कि प्रतिस्पर्धा अत्यंत कठिन होती है। लाखों छात्रों के बीच कुछ हजार अंकों का अंतर ही सफलता और असफलता तय कर देता है। इस कारण विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी करते हैं।

इतनी विशाल परीक्षा का आयोजन स्वयं में एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। हजारों परीक्षा केंद्र, लाखों अभ्यर्थी, सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और निष्पक्ष मूल्यांकन जैसी व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित करना किसी बड़े राष्ट्रीय अभियान से कम नहीं है।

नीट-यूजी केवल एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह लाखों भारतीय युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और संघर्षों का प्रतीक है। यह परीक्षा देश के भविष्य के डॉक्टरों का चयन करती है, जो आगे चलकर समाज की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाते हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के रूप में नीट-यूजी भारत की शैक्षिक क्षमता, युवाओं की महत्वाकांक्षा और चिकित्सा क्षेत्र के प्रति बढ़ते आकर्षण का सशक्त उदाहरण है। हर वर्ष इसमें शामिल होने वाले 22 लाख से अधिक विद्यार्थी यह साबित करते हैं कि भारत का युवा वर्ग बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखता है।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article