– गांव से प्रदेश तक बदल रही सहकारिता की तस्वीर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान दिलाने की दिशा में सहकारिता मंत्री जे . पी . एस . राठौर के नेतृत्व में विभाग लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप सहकारिता विभाग ने बीते वर्षों में न केवल अपनी कार्यशैली में बदलाव किया है, बल्कि किसानों, ग्रामीण परिवारों और स्वयं सहायता समूहों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
प्रदेश में सहकारी समितियों के सशक्तिकरण, कंप्यूटरीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम हुआ है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का अभियान चलाया गया, जिससे किसानों को खाद, बीज, ऋण और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हुई है। सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सेवाओं को पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।
सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर के नेतृत्व में प्रदेश में बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन पर विशेष जोर दिया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। कृषि के साथ-साथ जन सेवा केंद्र, भंडारण, डेयरी और अन्य गतिविधियों को भी सहकारी संस्थाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा सहकारी बैंकों को भी नई ऊर्जा देने का प्रयास किया गया है। किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने, फसली ऋण वितरण बढ़ाने तथा सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इसका लाभ लाखों किसानों तक पहुंचा है।
सहकारिता विभाग की उपलब्धियों में अमृत काल सहकार से समृद्धि अभियान, पैक्स समितियों का आधुनिकीकरण, सदस्यता विस्तार तथा किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रमुख उपलब्धियां मानी जा रही हैं। विभाग की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता के प्रति विश्वास बढ़ा है और किसान बड़ी संख्या में सहकारी संस्थाओं से जुड़ रहे हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि जे.पी.एस. राठौर ने सहकारिता विभाग को केवल एक सरकारी व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे गांवों की आर्थिक ताकत और किसानों के विकास के मजबूत माध्यम के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के कई राज्यों के लिए अध्ययन का विषय बनता जा रहा है।
सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिली है और विभाग लगातार विकास, पारदर्शिता तथा किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से अपना परचम लहरा रहा है।


