बीआरसी कमालगंज में पहुंचे अधिकारियों को नहीं मिले बाल श्रमिक, उठे कई सवाल
कमालगंज। विकास खंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) कमालगंज परिसर में नगर पंचायत कमालगंज द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। बीते दिनों इस मामले के प्रकाश में आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने गंभीरता दिखाते हुए जांच के निर्देश दिए थे। मंगलवार को अधिकारियों की टीम बीआरसी परिसर पहुंची और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, लेकिन जांच के दौरान वहां एक भी नाबालिग मजदूर दिखाई नहीं दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य में कुछ कम उम्र के बच्चे मजदूरी करते देखे गए थे। मामले की चर्चा क्षेत्र में होने के बाद इसकी शिकायत अधिकारियों तक पहुंची। शिकायत के बाद जब जांच की तिथि तय हुई तो मंगलवार को अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही कार्यस्थल का नजारा बदला हुआ दिखाई दिया। जिन नाबालिग बच्चों के काम करने की बात कही जा रही थी, वे मौके पर नहीं मिले। इससे लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि क्या जांच की भनक लगते ही नाबालिग मजदूरों को कार्यस्थल से हटा दिया गया।
नगर पंचायत कमालगंज द्वारा बीआरसी परिसर में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की निगरानी और सत्यापन की जिम्मेदारी किसकी है। यदि वास्तव में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी तो यह बाल श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो इसकी भी स्पष्ट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मजदूरों, निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य में नाबालिगों से काम कराया जा रहा था या नहीं।
फिलहाल, जांच के दिन नाबालिग मजदूरों का मौके पर नहीं मिलना पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार ठेकेदार एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ सकती है।


