लखनऊ। राजधानी लखनऊ में खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस ) का अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों और आम लोगों को धमकाने का मामला सामने आया है। महानगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा का माहौल है।
जानकारी के अनुसार मामला महानगर क्षेत्र स्थित गोल मार्केट चौराहे का है, जहां एक चाय की दुकान पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने स्वयं को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताते हुए रौब झाड़ना शुरू कर दिया और मौजूद लोगों को धमकाने लगा।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान मिथिलेश के रूप में हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों को भी कार्रवाई की धमकी दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान और दावों की जांच की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा आईपीएस अधिकारी होने का दावा संदिग्ध है। इसके बाद महानगर थाने में उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितने समय से इस तरह की पहचान का इस्तेमाल किया और क्या उसने अन्य लोगों को भी इसी तरह गुमराह किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को धमकाना और झूठी पहचान प्रस्तुत करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फर्जी पहचान के जरिए प्रभाव जमाने की कोशिश करने वाले लोगों पर समय रहते सख्ती क्यों नहीं हो पाती।


