– उन्नाव और संडीला तक दौड़ेगी विकास की रफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ मेट्रो के इतिहास की सबसे बड़ी विस्तार योजना पर काम तेज हो गया है। प्रस्तावित मेगा विस्तार परियोजना के तहत राजधानी में 10 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे लखनऊ के साथ-साथ बाराबंकी, उन्नाव, संडीला, इटौंजा और मोहनलालगंज जैसे आसपास के क्षेत्रों को भी आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
योजना के अनुसार वर्तमान में संचालित एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया मेट्रो कॉरिडोर का आगे विस्तार किया जाएगा। नई परियोजना के तहत पीजीआई से बाराबंकी तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब, इटौंजा, उन्नाव और संडीला जैसे क्षेत्रों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का खाका तैयार किया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। परियोजना का उद्देश्य केवल यातायात को सुगम बनाना नहीं, बल्कि राजधानी क्षेत्र के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो विस्तार के बाद राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही रोजाना लाखों लोगों को सुरक्षित, तेज और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। अनुमान है कि इस परियोजना से सीधे तौर पर 35 से 40 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों पर आधुनिक पार्किंग व्यवस्था, ई-बाइक और ई-साइकिल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे लोग अपने घरों से मेट्रो स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकेंगे और अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक परिवहन साधन उपलब्ध होंगे।
सूत्रों के मुताबिक परियोजना के दूसरे चरण के निर्माण कार्य की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और जुलाई माह से निर्माण गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
लखनऊ मेट्रो का यह विस्तार केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास का नया अध्याय माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, रियल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।
यदि यह परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में लखनऊ देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां मेट्रो नेटवर्क केवल शहर तक सीमित न रहकर आसपास के जिलों और उपनगरीय क्षेत्रों को भी जोड़ता होगा।


