नई दिल्ली। भारत सरकार ने अरबपति उद्योगपति एलोन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टॉर्लिंक को बड़ा झटका देते हुए उसकी वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के मद्देनजर यह कदम उठाया है।
सूत्रों के अनुसार ईरान-इजरायल क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान स्टारलिंक के सैटेलाइट टर्मिनलों के उपयोग को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर चिंताएं जताई हैं। माना जा रहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों में बिना पारंपरिक दूरसंचार नेटवर्क के भी संचार सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस तकनीक के संभावित दुरुपयोग को लेकर सरकार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
भारत में स्टारलिंक लंबे समय से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में थी और इसके लिए नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और रणनीतिक चिंताओं के बाद सरकार ने अंतिम मंजूरी पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक भविष्य की संचार व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा नियंत्रण और आपात परिस्थितियों में नेटवर्क संचालन जैसे मुद्दों पर स्पष्ट व्यवस्था बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
इस निर्णय का असर उन लाखों संभावित उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा की उम्मीद कर रहे थे। वहीं सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।


