– अधिकांश संस्थानों के पास नहीं फायर एनओसी
– चिंतित सरकार बड़े हादसे से पहले जागा प्रशासन
फर्रुखाबाद/लखनऊ /कानपुर ।
देश के विभिन्न राज्यों में होटल, अस्पताल और व्यावसायिक भवनों में आग लगने की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अब सतर्क हो गई है। फर्रुखाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में विशेष अभियान चलाकर होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल और बहुमंजिला व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शुरुआती समीक्षा में यह आशंका जताई गई है कि शहर के अधिकांश निजी प्रतिष्ठान बिना वैध फायर एनओसी अथवा अधूरी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं के सहारे संचालित हो रहे हैं।
जिन भवनों में प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते-जाते हैं, वहां आग लगने की स्थिति में बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं भी या नहीं। कई अस्पतालों में मरीजों की जान ऑक्सीजन, विद्युत उपकरणों और ज्वलनशील सामग्री के बीच टिकी रहती है, लेकिन अग्निशमन मानकों का पालन अक्सर कागजों तक सीमित दिखाई देता है।
शहर में संचालित अनेक होटल और गेस्ट हाउस वर्षों से कारोबार कर रहे हैं, लेकिन फायर एनओसी है ही नहीं, आपातकालीन निकास नहीं, ज्यादातर फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम कार्यशील हैं नहीं अब यह सब जांच के दायरे में है।
सरकारी निर्देशों के बाद अब अग्निशमन विभाग, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें निरीक्षण अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा, जल भंडारण व्यवस्था तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसे बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। मानक पूरे न करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना और आवश्यक होने पर सीलिंग की कार्रवाई भी हो सकती है।
सरकार की चिंता इसलिए भी जायज है क्योंकि बढ़ती आबादी, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के बीच अग्नि सुरक्षा अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है। आने वाले दिनों में होने वाली जांच यह तय करेगी कि शहर के होटल, अस्पताल और गेस्ट हाउस वास्तव में सुरक्षित हैं या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।


