मेरठ: देश में इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) की बड़ी चर्चा है। इस बीच अब एक नई पार्टी सामने आई है, जिसका नाम है ‘चींटी जनता पार्टी’ (chiti Janata Party) मेरठ के एक पूर्व बीजेपी नेता अनूप राघव ने इस पार्टी की शुरुआत की है। अनूप राघव का कहना है कि चींटी मेहनत, अनुशासन, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का प्रतीक है। समाज के कमजोर, वंचित और आम वर्ग की आवाज बुलंद करने के लिए पार्टी का गठन किया गया है।
जानकारी के मुताबिक अनूप पिछले तीन दशकों से भाजपा से जुड़े रहे हैं। संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। उनका कहना है कि वे पार्टी के भीतर रहकर भ्रष्टाचार और आम आदमी से जुड़े मुद्दों को नहीं उठा पा रहे थ। नतीजन उन्होंने चींटी जनता पार्टी की स्थापना की। इतनी ही नहीं, वे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी जोर आजमाएंगे। आगामी दिनों में उनकी पार्टी भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर सकती है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड उस विवाद के बाद शुरू हुआ जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर चर्चा हुई थी। बताया गया कि वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। यह पूरा विचार इसी विवाद से प्रेरित था। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनकी टिप्पणी सिर्फ फर्जी और गलत डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के लिए थी।
इसके बावजूद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कॉकरोच को चुनाव चिन्ह बनाकर मीम्स, व्यंग्य, ग्राफिक्स और राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाया गया। इस प्लेटफॉर्म पर बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यंग्यात्मक घोषणापत्र और चुनावी अभियान की शैली में पेश किया जाता था। अभिजीत दिपके ने इस आंदोलन को ‘आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज’ बताया था।


