नोएडा: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने Noida में एक बड़े हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क (Money laundering network) का पर्दाफाश करते हुए एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह भारत में कई शेल (मुखौटा) कंपनियां बनाकर हवाला और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार चीनी नागरिक वर्ष 2020 में वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में चीन के जियांग्शी प्रांत का निवासी लियाओ लॉन्गहुई (38), गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार और औरैया निवासी कौशलेन्द्र शामिल हैं। एसटीएफ ने इनके कब्जे से पांच लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, एक टैब, दो चीनी पासपोर्ट, एक चीनी पहचान पत्र, विभिन्न कंपनियों की 10 मोहरें, 11 बैंक चेकबुक, दो पैन कार्ड, कूटरचित आधार कार्ड समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा 15,400 रुपये नकद और 4.72 करोड़ रुपये से ज्यादा के चेक भी बरामद हुए हैं।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि लियाओ लॉन्गहुई वर्ष 2018 में भारत आया था और मोबाइल कवर बनाने वाली एक कंपनी का संचालन कर रहा था। आरोप है कि वह चीन से कच्चा माल महंगे दामों पर मंगाकर तैयार माल को कम कीमत दर्शाते हुए बेचता था और अंतर की राशि हवाला के जरिए भारत-चीन के बीच भेजी जाती थी। इसके लिए उसने कई शेल कंपनियां बनाई थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कंपनी के कर्मचारियों और परिचितों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई फर्जी कंपनियां खड़ी कीं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था। इस नेटवर्क के संचालन में चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव कुमार की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
एसटीएफ को आरोपी के पास से उसके फोटो वाला नागालैंड के कोहिमा पते का ‘सैमुअल लोथा’ नाम से बना संदिग्ध आधार कार्ड भी मिला है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह दस्तावेज किस प्रकार और किन लोगों की मदद से तैयार किया गया। इस मामले में थाना फेस-2, गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आव्रजन और विदेशी अधिनियम-2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस और एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी हुई है।


