लखनऊ। देशभर में मई के दौरान जीएसटी संग्रह में सुस्ती देखने को मिली है और राष्ट्रीय स्तर पर इसमें करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इसी बीच उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को सबसे तेजी से बढ़ने वाला बड़ा राज्य साबित किया है और जीएसटी ग्रोथ में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है।
आंकड़ों के अनुसार, मई में उत्तर प्रदेश का कुल जीएसटी संग्रह (एसजीएसटी+सीजीएसटी+आईजीएसटी) बढ़कर 8,728 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कई बड़े राज्यों में गिरावट या बेहद धीमी वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें तमिलनाडु में 15 प्रतिशत की गिरावट, राजस्थान में 11 प्रतिशत की गिरावट और उत्तराखंड में 19 प्रतिशत की गिरावट शामिल रही, जबकि महाराष्ट्र में वृद्धि लगभग शून्य रही।
शुद्ध जीएसटी संग्रह के मामले में भी उत्तर प्रदेश ने मजबूत प्रदर्शन किया है। रिफंड और समायोजन के बाद यूपी का शुद्ध जीएसटी संग्रह 17,169 करोड़ रुपये रहा, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में महाराष्ट्र 36,825 करोड़ रुपये के साथ पहले और कर्नाटक 16,177 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं राज्य कर विभाग के अनुसार, यूपी की यह वृद्धि उपभोक्ता आधार में विस्तार, नए करदाताओं की बढ़ती संख्या और कर अनुपालन में सुधार का परिणाम है। विभाग का कहना है कि छोटे व्यापारियों को राहत देने और टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के प्रयासों से राज्य की राजस्व वृद्धि को मजबूती मिली है।


