देहरादून: पिछले दो महीनों में अलग-अलग अभियानों में उत्तराखंड (Uttarakhand), उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों में से दो, जिनमें एक महिला भी शामिल है, उत्तराखंड के निवासी हैं। सभी आरोपियों के पाकिस्तानी गैंगस्टरों (pakistani gangsters) और अन्य व्यक्तियों से संबंध थे।
उत्तराखंड पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई), सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड में एक आतंकवादी नेटवर्क स्थापित करने की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद राज्य की एसटीएफ ने स्थिति पर नजर रखने के लिए साइबर कमांडो तैनात किए हैं।
दरअसल, हाल ही में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने सहारनपुर जिले से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारत में पाकिस्तानी गैंगस्टरों के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करने का आरोप है। इन चारों में से एक उत्तराखंड के हरिद्वार जिले का निवासी था।
इसके अलावा, जम्मू और कश्मीर पुलिस ने हरिद्वार जिले के रुड़की में एक महिला शिक्षिका के आवास पर भी छापा मारा। शिक्षिका के भी पाकिस्तान से संबंध पाए गए। वह पाकिस्तान में स्थित व्यक्तियों के इशारे पर उत्तराखंड में काम कर रही थी और विभिन्न माध्यमों से पड़ोसी देश में व्यक्तियों को धन भेज रही थी। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच के लिए जम्मू और कश्मीर ले जाया गया।
ऐसे मामलों के सामने आने के बाद, उत्तराखंड पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने अपनी जांच शुरू की। एसटीएफ की जांच में पता चला कि संदिग्ध पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों और विदेशी आकाओं के संपर्क में थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने और नेटवर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। उत्तराखंड में एक आतंकवादी नेटवर्क स्थापित करने की साजिश का भी खुलासा हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला है कि आरोपी इंस्टाग्राम, वीडियो कॉल और अन्य सोशल मीडिया एप्लिकेशन के माध्यम से सीमा पार आतंकवादियों और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों को डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जो पाकिस्तान से संबंधों के उनके संदेह को मजबूत करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में यह भी पता चला कि देहरादून में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध विक्रांत “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” (टीटीएच) लिखकर संगठन का प्रचार कर रहा था। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि उसके संपर्क में और कौन-कौन था।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा, “आतंकवादी युवाओं को गुमराह कर उन्हें जिहाद के विभिन्न रूपों में शामिल कर रहे हैं। जांच में आईएसआई के एक मॉड्यूल का पता चला है जो सोशल मीडिया पर युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा था। उन्होंने कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे, जहां से पाकिस्तान में बैठे उनके संचालक आसानी से उन पर नजर रख सकते थे। इसके अलावा, सोशल मीडिया के जरिए सीमा पार की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं, जिसके चलते उन पर नजर रखने के लिए साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं।”


