जहानगंज
थाना क्षेत्र के ग्राम मुबारकपुर में एक 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। विवाहिता का शव घर के अंदर दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस मौत के कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
ग्राम मुबारकपुर निवासी प्रशांत पुत्र स्वर्गीय बेचेलाल ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि उसकी बहन शिल्पी की शादी वर्ष 2017 में कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम शीशमनगर निवासी विजय सिंह के साथ हुई थी। बताया गया कि वैवाहिक जीवन में विवाद उत्पन्न होने के कारण शिल्पी पिछले कुछ समय से अपने मायके पक्ष के संपर्क में रह रही थी। वह अपने पुत्र कार्तिक और पुत्री भूमि की पढ़ाई के लिए फर्रुखाबाद शहर में रहती थी।
परिजनों के अनुसार स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण शिल्पी अपने दोनों बच्चों के साथ गांव स्थित मायके आई हुई थी। मंगलवार रात उसने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भोजन किया और इसके बाद बच्चों के साथ छत पर सोने चली गई। देर रात जब उसकी पुत्री भूमि की नींद खुली तो उसने अपनी मां को पास न पाकर नानी तारावती को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद परिवार के लोगों ने शिल्पी की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसे घर के नीचे स्थित हाल में छत के कड़े से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ पाया गया। परिजन तत्काल उसे नीचे उतार लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। परिजनों के अनुसार जब शिल्पी का शव फंदे पर मिला, उस समय उसके पैर जमीन को छू रहे थे, जिसके चलते मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध माना जा रहा है। परिवार के लोग आत्महत्या के पीछे किसी स्पष्ट कारण की जानकारी नहीं दे सके। वहीं पुलिस भी हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। थाना पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।


