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Wednesday, June 3, 2026

पहली बारिश में धंसीं करोड़ों की सड़कें, गड्ढों में समाईं गाड़ियां; अखिलेश बोले- ‘भाजपा ने यूपी को बदनामी के सिवा कुछ नहीं दिया’

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आगरा। ताजनगरी आगरा में करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही मुख्यमंत्री ग्रिड (सीएम ग्रिड) योजना पहली ही बारिश में धराशायी होती नजर आई। बसई मंडी, इंद्रापुरम और ताजगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़कें कई स्थानों पर धंस गईं, जिससे कारें, वैन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन गहरे गड्ढों में फंस गए। कई वाहन पलट गए और लोगों को चोटें आईं। इस घटना ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश के बाद सड़कों पर हुए भारी जलभराव के बीच वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग सका और एक के बाद एक वाहन धंसते चले गए। कई स्थानों पर सड़कें तीन से चार फीट तक बैठ गईं, जबकि ताजमहल क्षेत्र के पास सीवर लाइन वाले हिस्सों में 15 फीट तक चौड़े और कई फीट गहरे गड्ढे बन गए। हालात इतने बिगड़ गए कि कई मार्गों पर यातायात रोकना पड़ा और प्रशासन को आपात मरम्मत कार्य शुरू कराना पड़ा।

इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बदनामी के अलावा कुछ नहीं दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया भर से आने वाले पर्यटक आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर प्रभावित होते हैं, लेकिन भाजपा शासन में बनी सड़कों के गड्ढे उनका पूरा अनुभव खराब कर देते हैं।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आगरा जैसे विश्वस्तरीय पर्यटन शहर की बदहाल सड़कें और अव्यवस्थाएं प्रदेश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन, होटल, गाइड, टैक्सी, हस्तशिल्प, पेठा और जूता उद्योग जैसे स्थानीय कारोबार भी सरकारी नीतियों और अव्यवस्थाओं से प्रभावित हुए हैं। सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में निवेश का माहौल कमजोर होने के पीछे बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति और प्रशासनिक बदइंतजामी प्रमुख कारण हैं।

वहीं नगर निगम का कहना है कि लगातार बारिश और भूमिगत कार्यों के कारण कुछ स्थानों पर सड़क धंस गई है तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जा रही है। हालांकि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की परियोजना की सड़कों का धंस जाना निर्माण गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल छोड़ गया है। अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है और विपक्ष इसे सरकार के विकास मॉडल पर बड़ा सवाल बता रहा है।

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