मेरठ। स्वास्थ्य विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अशोक कटारिया का तबादला कर उन्हें लखनऊ भेज दिया गया है। उनके स्थान पर अमेठी में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) के पद पर तैनात डॉ. रामप्रसाद को मेरठ का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है।
डॉ. अशोक कटारिया का तबादला ऐसे समय हुआ है जब उनका नाम कथित तौर पर माफिया मुकेश श्रीवास्तव से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। आरोप लगाए जाते रहे हैं कि मेरठ में तैनाती के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कुछ टेंडरों और खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुईं तथा कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित जांच एजेंसियों और शासन स्तर पर जो भी निष्कर्ष हों, वही आधिकारिक रूप से मान्य होंगे।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े टेंडरों में कथित हेराफेरी और कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के आरोपों को लेकर समय-समय पर शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इन मामलों को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच और पड़ताल की चर्चाएं होती रही हैं।
उधर, मेरठ के नए सीएमओ के रूप में नियुक्त डॉ. रामप्रसाद के सामने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जनस्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की चुनौती होगी।
स्वास्थ्य विभाग में हुए इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नई तैनाती के बाद मेरठ की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं और पूर्व में लगे आरोपों से जुड़े मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है।


