– प्रभारी मंत्री की नाराजगी के बाद देर रात शासन का एक्शन
– खुलेआम डकैती डाल रहे एसीएमओ डॉ रंजन गौतम एक दिन पूर्व हटाए जा चुके
– प्रभारी मंत्री 13 जून फिर करेंगे फर्रुखाबाद में समीक्षा
– अब प्रशासनिक कार्यों और गौ सेवा के मामलों पर होगी रडार
– थानो और क़ानून व्यवस्था की समीक्षा भी होगी प्रमुख
लखनऊ /फर्रुखाबाद। जिले के स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चल रही शिकायतों, विवादों और प्रशासनिक असंतोष के बीच आखिरकार शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनीन्द्र कुमार का तबादला कर दिया है। देर रात जारी आदेश में उन्हें संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण महानिदेशालय लखनऊ भेज दिया गया, जबकि जालौन के सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय को फर्रुखाबाद की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। खुलेआम अमानक अस्पतालों के जरिए डकैती डाल रहे एसीएमओ डॉ रंजन गौतम को एक दिन पूर्व ही हटाया जा चुका है जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह 13 जून को फिर करेंगे जनपद की समीक्षा इस बार उनके निशाने पर प्रशासनिक कार्य और गोवंश आश्रय स्थल के साथ थानो और कानून व्यवस्था की समीक्षा प्रमुख होगी।
स्वास्थ्य विभाग में हुए इस बदलाव को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से अधिक प्रभारी एवं पर्यटन मंत्री की लगातार नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मंत्री जयवीर सिंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, कथित अनियमितताओं और कुछ निजी अस्पतालों के संचालन को लेकर लगातार असंतुष्ट थे।
इससे पहले भी प्रभारी मंत्री के हस्तक्षेप के बाद एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम से कई चार्ज छीने गए थे । बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर मंत्री ने शासन स्तर पर कई बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। हालिया तबादले को उसी क्रम की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवा वितरण व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सीएमओ का तबादला स्वास्थ्य महकमे में बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अब नए सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के सामने सबसे बड़ी चुनौती सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को पटरी पर लाना, स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को मजबूत करना और जनता के बीच विभाग की साख बहाल करना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी नए नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर उत्सुक हैं।
उधर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने संकेत दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा अभी समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा है कि वह 13 जून को पुनः फर्रुखाबाद पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में सुशासन की नीति धरातल पर दिखाई दे। मंत्री के इस बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी हलचल तेज हो गई है।
अब चर्चा इस बात की है कि क्या यह तबादला केवल शुरुआत है या आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल इतना तय है कि देर रात हुए इस फैसले ने जिले के स्वास्थ्य महकमे में नई बहस छेड़ दी है। बता दें कि सरकार जनपद में बिगड़ी व्यवस्था और प्रशाशनिक कार्यशैली से ख़ुश नहीं है,पुलिस की आम छवि से भी योगी सरकार का चेहरा ख़राब हुआ जिसकी चर्चा भी शासन में खूब है।


