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Monday, June 1, 2026

थकी हुई राजनीति के बीच उभर रही युवा ताकत, फर्रुखाबाद में बदल रहे सियासत के समीकरण

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=नये युवा चेहरों में अभय सिंह, डॉ युवराज सिंह, रुपेश गुप्ता, साहित् कई नाम जो हो रहे जनमानस को स्वीकार
=दागी चेहरों पर खत्म हुआ भरोसा, जुमलेबाजी, झूठे वादे, फज़ऱ्ी घोषणाएं और बढ़े भ्रष्टाचार से लोग हुए परेशान
यूथ इंडिया। फर्रुखाबाद
शरद कटियार
प्रदेश की राजनीति में पिछले एक दशक के दौरान युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जबकि चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि मतदाता सूची में भी युवाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवा चेहरों को आगे बढ़ाना मजबूरी भी है और भविष्य की रणनीति भी। फर्रुखाबाद जनपद भी इस बदलाव से अछूता नहीं है।
लंबे समय तक जिले की राजनीति कुछ परंपरागत परिवारों और स्थापित नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं। जनता विकास, संवाद और सक्रियता को महत्व दे रही है। यही वजह है कि कई युवा चेहरे अपनी अलग पहचान बनाने में सफल होते नजर आ रहे हैं।
इन उभरते नामों में रुपेश गुप्ता, अभय सिंह, डॉ. युवराज सिंह और डॉ. नवल किशोर शाक्य, डा० सुबोध यादव प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। इन नेताओं ने केवल राजनीतिक बयानबाजी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक गतिविधियों, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता के जरिए अपनी पहचान बनाई है।
फर्रुखाबाद की लगभग 19 लाख की आबादी में युवाओं का बड़ा वर्ग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नई सोच चाहता है। यही वर्ग अब पारंपरिक राजनीति से इतर ऐसे नेताओं को तलाश रहा है जो सीधे संवाद करें और जमीन पर दिखाई दें।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रुपेश गुप्ता सामाजिक कार्यक्रमों और युवाओं के बीच अपनी सक्रियता के कारण पहचान बना रहे हैं। वहीं अभय सिंह भोजपुर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क के माध्यम से अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं। डॉ. युवराज सिंह स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं, और अमृतपुर विधानसभा में अपनी पहचान को लोकप्रिय कर रहे हैं,जबकि सपा के डॉ. नवल किशोर शाक्य शिक्षित और बौद्धिक वर्ग के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हुए हैं।और पहला लोकसभा चुनाव बहुत कम वोट से हार खुद को जिले की राजनीति में स्थापित कर चुके हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि जनता अब केवल चुनावी वादों से प्रभावित नहीं होती। सोशल मीडिया के दौर में हर गतिविधि पर नजर रहती है और युवाओं की अपेक्षाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक हैं। ऐसे में वही नेता आगे बढ़ पाएगा जो जनता के बीच निरंतर मौजूद रहेगा।
फर्रुखाबाद की राजनीति में यह परिवर्तन केवल चेहरों का बदलाव नहीं है, बल्कि सोच के बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। जिले की युवा पीढ़ी अब सत्ता के गलियारों में अपनी भागीदारी चाहती है और इसी कारण नए नेतृत्व को समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
मोनिका यादव जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पल्लव सोमवंशी पहले ही राजेपुर ब्लॉक प्रमुख, और राहुल राजपूत की पत्नी संकिसा नगर पंचायत की अध्यक्ष पद पर आसीन हैं,इसी क्रम में कायमगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद पर डॉक्टर शरद गंगवार को भी उनके साथ सुग्रीव छवि को लेकर चुन रखा है।

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