– ब्राह्मण समाज की लड़की पर मजाकिया रील बनी कारण
– माफी मांगने के बाद भी बड़ी कार्यवाही से रोष की लहर
रीबा / भोपाल
रीवा के चर्चित बघेली यूट्यूबर और कलाकार मनीष पटेल उर्फ “पोकभान” की गिरफ्तारी के बाद अब पूरा मामला सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप लेता जा रहा है। एक तरफ ब्राह्मण समाज इस कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, वहीं दूसरी ओर ओबीसी समाज और बड़ी संख्या में बघेली कलाकार मनीष पटेल के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर कर लोग गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, वैलेंटाइन वीक के दौरान मनीष पटेल ने अपने यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो के कैप्शन और उसमें बोले गए कुछ शब्दों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और कई सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि वीडियो में मनीष पटेल ने मजाकिया अंदाज में ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे ब्राह्मण समाज ने अपनी बेटियों और पूरे समाज का अपमान बताया। इसी को लेकर रीवा के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और मनीष पटेल की तलाश शुरू कर दी गई।
गिरफ्तारी से बचने के लिए मनीष पटेल ने जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने का काम करती हैं। इसके बाद मनीष पटेल ने सरेंडर किया, जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद अब ओबीसी समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि मनीष पटेल ने गलती जरूर की होगी, लेकिन उन्हें सुधार का मौका दिया जाना चाहिए था। समर्थकों का आरोप है कि एक कलाकार को अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है, जबकि कई बड़े लोग विवादित बयान देकर भी बच निकलते हैं।
बघेली कलाकार उत्तम केवट समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कलाकार भी इंसान होते हैं और उनसे गलती हो सकती है। उनका कहना है कि यदि हर गलती पर कलाकारों को इस तरह खत्म किया जाएगा, तो आगे कोई भी सामाजिक और क्षेत्रीय कला को आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं करेगा।
वहीं, ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि किसी भी समाज की बेटियों और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए किसी समाज की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
फिलहाल यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक असंतोष और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक सम्मान की बड़ी बहस बन चुका है।


